एक बार लल्लू जी के जिले मे एक प्रत्याशी को नामांकन करना था। बेचारे कड़ी मेहनत और लगन से तैयारी कर रहे थे। नामांकन के दिन समय से घर से निकले, मंदिर मे दर्शन कर रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष मे पहुँच गए। उन्हे देखते ही लल्लू बड़ी तेजी से अपने कक्ष से बाहर भागे। किसी को कुछ समझ नहीं आया। लल्लू जी एक पेड़ के नीचे जाकर बैठ गए।
काफी देर बाद उनके ओएसडी ने पूछा- सर जी वो प्रत्याशी अंदर ही बैठा है, नामांकन का वक्त निकल रहा है।
लल्लू जी : थोड़ी देर और देखते हैं
एक घंटे बाद ओएसडी ने फिर पूछा : सर सिर्फ आधा घंटा बचा है
लल्लू जी : अरे भाई मैं अंदर कैसे जा सकता हूँ, रिटर्निंग आफिसर के कमरे मे सिर्फ पाँच लोग ही रह सकते हैं। प्रत्याशी को मिलाकर पाँच लोग पहले ही हो चुके है। कोई एक बाहर निकले तब ही तो अंदर जाऊं न...
2 टिप्पणियां:
लल्लू लाल की जय हो
दोष लल्लू का नहीं, दरअसल उनकी अति सक्रियता और सतर्कता खबर बन जाती है।
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