गुरुवार, 18 अगस्त 2022

भगोड़े के भरोसे कानून

न्यायालय में जज साहब अर्दली से :मुजरिम का नाम पुकार करो

अर्दली: कार्तिक कुमार हाजिर हो...

वकील साहब सवाल दाखिल करते हुए: हुजूर, माननीय मंत्री जी राजभवन में हैं, विधि मंत्रालय का प्रभार है!

जज साहब: ऐसे कैसे संभव है?

अर्दली: बिहार में बहार है,  नीतीशे कुमार हैं 

जज साहब: तो हम कौन हैं?

अर्दली धीरे से कान में: हुजूर कल डीएलएमसी की मीटिंग है. 

जज साहब हडबडी में खड़े होकर: अगला मुजरिम हाजिर हो...

बुधवार, 2 अप्रैल 2014

लल्लू-मल्लू - 5 (छुट्टी)

लल्लू रिटर्निंग आफिसर के जिले में एक भी वोट नहीं पड़ा. सभी लोग चिंतित थे. आखिर क्या वजह हो सकती है? लल्लू जी काफी मेहनती थे. रात-दिन एक कर दिया था. चुनाव की तैयारियों में कही कोई कसर न रह जाये इसलिए, कई रात तो ठीक से सो भी नहीं पाए थे बेचारे. गहन पड़ताल जारी थी. बात निर्वाचन आयोग तक पहुंची. निर्वाचन आयोग इस मुद्दे को एक केस स्टडी के तौर पर ले रहा था.  लल्लू जी आयोग में तलब किये गए. साथ में मल्लू एसपी भी हो लिए.

अपर निर्वाचन अधिकारी:  लल्लू-मल्लू जी, आपलोगों ने जी तोड़ मेहनत की लेकिन हम आपको इसकी बधाई भी नहीं दे सकते. क्या आप बता सकते हैं कि कहाँ कमी रह गई.

मल्लू एसपी : सर जी कमी तो कोई नहीं थी. हमने पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम किया है. मैंने भी कई रात जग कर तैयारियों को मुकम्मल कराया. और लल्लू जी तो बेचारे अपना तकिया और चादर साथ लेकर घूमते थे. कई रात तो हमारी सड़क पर ही गुजरी है.

अपर निर्वाचन अधिकारी : तो फिर ऐसा क्या हुआ कि एक भी मतदाता बूथ तक नहीं पहुंचा? क्या मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में कोई गडबडी थी या कोई और बात?

मल्लू एसपी :  सर स्वीप कार्यक्रम तो पूरी तरह सफल रहा. हमें जानकारी मिली है कि शाम पांच बजे तक जिले के सभी बूथों पर लोगों की लंबी कतारें थीं.

अपर निर्वाचन अधिकारी ( हैरत के साथ) : फिर ऐसा क्या हुआ कि वोट नहीं पड़ा? कहीं ईवीएम में तो कोई गडबडी नहीं थी?? या फिर वाहन वालो ने कोई पंगा कर दिया???

(निर्वाचन अधिकारी ने सवालों की बौछार लगा दी, मल्लू जी पसीने पसीने हो गए. उन्हें इस तरह परेशान देख लल्लू रिटर्निंग अधिकारी ने साहस के साथ मोर्चा सम्हाल लिया)

लल्लू रिटर्निंग आफिसर : सर जी, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. हमारी तैयारियां फूल-प्रूफ थीं. लेकिन, आपको तो याद ही होगा कि एक आदेश जारी किया गया था जिसके तहत मतदान की तारीख को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई थी.

अपर निर्वाचन अधिकारी : लल्लू जी, फिर तो मतदान का प्रतिशत बढ़ना चाहिए न. लेकिन आपके यहाँ तो एक भी वोट नहीं पड़ा. (अधिकारी ने हैरत जताई !)

लल्लू जी : सर फैक्स मिलते ही मैंने सारे कर्मचारियों और अधिकारीयों को मतदान के दिन के लिए छुट्टी दे दी. और सख्त आदेश भी जारी कर दिया कि अगर एक भी कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसे कडा दंड दिया जायेगा. छुट्टी मिल जाने के कारण कोई भी मतदान कर्मी बूथ नहीं जा सका. लोग जब बूथ पर मतदान के लिए पहुंचे तो वहाँ ताले लटके मिले. वोट इसी कारन नहीं पड़े होंगे (लल्लू जी ने मासूमियत दिखाई!)... :

सोमवार, 31 मार्च 2014

लल्लू-मल्लू - 4 (कांबिंग ऑपरेशन)



एक दिन मल्लू जी नक्सल प्रभावित एरिया मे कांबिंग चला रहे थे। साथ मे भारी संख्या मे पुलिस बल भी था। पास के ही एक बूथ पर लल्लू जी जरूरी सहूलियतों का जायजा ले रहे थे। मल्लू दल-बल के साथ उधर से गुजरे-

लल्लू जी - अरे मल्लू जी, आइये। कैसा चल रहा है?

मल्लू जी- भाई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की कांबिंग पर निकला हूँ। 

लल्लू जी - लेकिन आपके बल मे किसी सिपाही के पास कोई हथियार क्यों नहीं है?

मल्लू जी - आर्म्स एक्ट मे स्पष्ट उल्लेख है कि आत्मरक्षार्थ ही हथियार का उपयोग करना है। चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने भी काफी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। और सबसे बड़ी बात- नक्सली हथियार लूटने के लिए ही ज्यादातर हमले करते हैं।

लल्लू जी - लेकिन अगर कोई नक्सली सामने से मिल गया फिर आप क्या करेंगे?

मल्लू जी - किसी से कहिएगा नहीं। हथियार हमने नदी के वो उस पार झाड़ियों मे ही छुपाया है। हमला होते ही हमारे सिपाही वहाँ से हथियार निकाल लाएँगे।

लल्लू-मल्लू - 3 (प्रेस कान्फ्रेंस)



चुनाव की तैयारियों की जानकारी देने के लिए लल्लू-मल्लू ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन बुलाया। कई नए और कुछ पुराने पत्रकार भी आए। उसी दिन शाम को लल्लू के ओएसडी ने एक प्रेस नोट सारे मीडिया कर्मियों को मेल कर दिया। खबर चुनाव की थी, छप गई। अगले दिन से मल्लू जी ने तमाम पत्रकारों की खोज शुरू कर दी। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे डाले जाने लगे। पत्रकारों ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को कर दी। लल्लू-मल्लू निर्वाचन कार्यालय तलब किए गए...

निर्वाचन अधिकारी लल्लू-मल्लू से : आप दोनों पर आरोप है कि आप पत्रकारों को परेशान कर रहे हैं। मल्लू जी उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रहे हैं !

मल्लू एसपी : हाँ सर, उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ है। उन्होने भी माडल कोड ऑफ कंडक्ट और अन्य संगत धाराओं का उल्लंघन किया है।

निर्वाचन अधिकारी : क्या उल्लंघन किया है, उनका अपराध क्या है... बुलाया तो आखिर आप दोनों ने ही था, और कवरेज करने की मनाही तो है नहीं। फिर ये आदेश ?

लल्लू रिटर्निंग आफिसर : जी सर, हम दोनों ने ही बुलाई थी वो प्रेस वार्ता। लेकिन वो पाँच से अधिक की संख्या मे रिटर्निंग आफिसर के कमरे मे आ गए, हमने मुकदमा कर दिया...!

शुक्रवार, 28 मार्च 2014

लल्लू-मल्लू 2 (गाड़ी जप्ती)

मल्लू एसपी कहीं जा रहे थे, उधर से लल्लू रिटर्निंग आफिसर रिटर्न ले रहे थे। बीच मे-

मल्लू जी - अरे लल्लू जी कहाँ से

लल्लू जी - पास ही के एक बूथ पर गया था वही से लौट रहा हूँ।

मल्लू जी - लेकिन आप रिक्शे पर क्यों हैं?

लल्लू जी - चुनाव आयोग का निर्देश था गाडियाँ जप्त की जाएँ। 100 गाड़ी चाहिए थे। एक कम हो रही थी ।  मैंने अपनी गाड़ी जप्त कर ली। लेकिन आप पैदल क्यों आ रहे हैं?


मल्लू जी - मैंने भी अपनी गाड़ी जमा करा दी थी।

लल्लू-मल्लू - 1 (नाचता पंखा)



लल्लू रिटर्निंग आफिसर मल्लू एसपी से- यार तुम इतने कंजूस कैसे हो सकते हो ?

मल्लू जी - मैंने क्या कर दिया भाई, मुझे कंजूस क्यों बोल रहे हो ?

लल्लू जी - कंजूस न कहूँ तो क्या कहूँ... इतनी गर्मी मे भी पंखे नहीं चला रहे !
मल्लू जी - नहीं भाई। चुनाव के कारण ही नहीं चला पा रहा हूँ।

लल्लू जी - अगर तुम व्यस्त हो तो कहो तो मैं अपना चपरासी भेज कर तुम्हारा पंखा दुरुस्त करवा सकता हूँ।

मल्लू जी - नहीं भाई ऐसी बात नहीं। पंखा पंखा ठीक है। 

लल्लू जी - बिल ज्यादा आने लगा है क्या?

मल्लू जी - नहीं भाई, नाचता पंखा एक प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह है !
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मित्रों ! लल्लू रिटर्निंग आफिसर के कुछ किस्से तो आप सुन चुके हैं। एक दिन लल्लू जी को किसी कारण मल्लू एसपी के यहाँ जाना पड़ा। मैं भी उनके साथ हो लिया। दोनों की बात सुनकर लगा कि ये दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। आप क्या कहते हैं? :)

गुरुवार, 27 मार्च 2014

लल्लू रिटर्निंग आफिसर - 7 (अंधेरा)

शाम का वक्त था। लल्लू जी अंधेरे कमरे मे बैठे थे। ओएसडी जरूरी फाइल लेकर कोठी पहुंचे। वहाँ उन्होने लल्लू जी को अंधेरे कमरे मे बैठे पाया।

ओएसडी :सर आप अंधेरे कमरे मे क्यों बैठे हैं?

लल्लू रिटर्निंग आफिसर: मैंने घर के सारे बल्ब उतरवा लिए हैं।

ओएसडी : लेकिन सर आपने बल्ब क्यों उतरवा लिए

लल्लू रिटर्निंग आफिसर : बल्ब एक पार्टी का चुनाव चिन्ह है। और चुनाव आयोग का निर्देश है कि किसी प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह सरकारी कार्यालय और बंगलों मे नहीं लगाया जा सकता है।